जायका (कृषि) द्वारा कुल्लू में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा में “अगली पीढ़ी के लिए कार्यक्रम” का शुभारंभ
देवदर्शन न्यूज। कुल्लू
हिमाचल प्रदेश सरकार एवं जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी जाइका के सहयोग से संचालित हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के अंतर्गत आज राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा में ‘अगली पीढ़ी के लिए जागरूकता कार्यक्रम’ के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जायका (कृषि) द्वारा कार्यक्रम संचालन हेतु चयनित संस्था “सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट , जगदीशपुर-अमेठी, उत्तर प्रदेश” द्वारा किया गया।
खंड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू द्वारा कुल्लू एवं लाहौल व स्पीति जिला में कुल 5 स्कूलों को चिन्हित किया गया है जिनमे कुल मिलाकर 150 विद्यार्थियों का चयनोंपरांत 7 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु 1 स्कूल एवं 5 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा ।
कार्यक्रम में खंड परियोजना प्रबंधक इकाई कुल्लू से खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. जयंत रत्ना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं कृषि क्षेत्र में इसके योगदान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने ‘अगली पीढ़ी के लिए जागरूकता कार्यक्रम’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा कृषि आधारित आजीविका एवं स्वरोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कृषि केवल पारंपरिक आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीकों, नवाचार एवं उद्यमिता के माध्यम से इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं भी उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को कृषि, पोषण, आधुनिक कृषि तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण तथा कृषि आधारित रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों के प्रति जागरूक करना है। इस पहल के माध्यम से युवाओं में कृषि के प्रति रुचि विकसित करने और उन्हें आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से परिचित कराने पर बल दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंतर्गत पाँच प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें संतुलित भोजन एवं पोषण, प्राकृतिक खेती एवं उन्नत तकनीक, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि में रोजगार एवं बाजार संबंधी जानकारी तथा व्यावहारिक कृषि गतिविधियां शामिल हैं। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को संतुलित आहार एवं पोषण के महत्व, प्राकृतिक खेती, पॉलीहाउस तकनीक, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि पद्धतियों तथा कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं से परिचित कराने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त, नर्सरी तैयार करना, वर्मी कम्पोस्ट बनाना तथा पोषण वाटिका स्थापित करने जैसी व्यावहारिक गतिविधियों को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा की प्रधानाचार्य दीप्ति पॉल, भौतिक विज्ञान प्रवक्ता कश्मीर ठाकुर, हिंदी प्रवक्ता जोगिंदर सिंह एवं रसायन विज्ञान प्रवक्ता दीवान सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के लिए विद्यालय की नोडल अधिकारी एवं व्यावसायिक कृषि शिक्षिका पूजा प्रसाद ने समन्वय की भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, राज्य परियोजना टीम लीडर ए.के. श्रीवास्तव, टीम लीडर मंडी गुरदेव और ब्लॉक समन्वयक कुल्लू जितेंद्र सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।










